कल अपने ब्लॉग पर लिखि कविता का लिंक भेजा था आपको, आपने जवाब में ये भेजा :
प्यारे बेटे,
हमने देखा, हमने सुना, हमने पढा …….
समझें कैसे अपने बेटे को ! ! !
-माँ-पा
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मैं आपको बता देना चाहता हूं कि आप ने मुझे वो सब कुछ दिया जो आप दे सकते थे और जो मुझे चाहिये था । मेरे जीवन कि एक उपलब्धि यह है कि मैं आपके साथ रहता हूं, यह उपलब्धि इसलिये है क्योंकि लाखों बेटे इस दुनिया में एसे हैं जो अपने माता पिता के साथ किसी कारण से या किसी बहाने से नहीं रह पाते ।
और अगर आप यह जानना चाहते हैं कि मुझे आप से और क्या चाहिये तो मेरा आपको जवाब यह है कि आपका मुझे “प्यारे बेटे” कह देना मेरे लिये अनंत को पा जाने के बराबर है ।
भीगी आंखों से मैं आपको यह संदेश एसी जगह पर दे रहा हूं जहां इसे कई लोग पढ़ेंगे, सो पढें वो भी और आप भी कि आप से अधिक मुझे और कुछ नहीं चाहिये ।
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