एक बार फिर यूँ

हर ओर तू ही तू है,
हर चीज़ तेरी परछाई,
मैनें जहाँ जहाँ भी देखा,
बस तू ही तू नज़र आई ।

~ by Grey Rainbow - स्याह इंद्रधनुष on April 23, 2008.

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